पुणे, 30 मई।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांत संयोजक बैठक पुणे में प्रारंभशिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय, पुणे में प्रारंभ हुई। तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक में देशभर के विभिन्न प्रांतों से 200 से अधिक कार्यकर्ता सहभागिता कर रहे हैं।

बैठक के उद्घाटन सत्र में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव डॉ. अतुल कोठारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. दीपक श्रीवास्तव, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल, राष्ट्रीय सह सचिव सविता सेंगर सहित अनेक वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रथम तीन सत्रों में विगत अवधि में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा देशभर में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों का वृत्त प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रबंधन शिक्षा में भारतीय दृष्टि विषय पर गुजरात विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित सात दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी साझा की गई, जिसमें देश के 10 राज्यों के शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने सहभागिता की थी।

इसी प्रकार शिक्षक शिक्षा विषय पर महाराष्ट्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का वृत्त भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें 220 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए थे। इसके अतिरिक्त देश के छह राज्यों में आयोजित ज्ञान सभाओं की गतिविधियों एवं उनके प्रभावों की जानकारी भी प्रतिभागियों के साथ साझा की गई।

बैठक में बताया गया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास वर्तमान में “विकसित भारत @ 2047 हेतु शिक्षा” विषय पर देशव्यापी अभियान चला रहा है। अभियान के अंतर्गत देशभर में संगोष्ठियों, संवाद कार्यक्रमों एवं विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में उद्योगपति, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक संगठन एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों को एक मंच पर लाकर विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर ठोस कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक के आगामी सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं, वैदिक गणित, शोध, शिक्षक शिक्षा तथा शिक्षा के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास इस दिशा में समाज के विभिन्न घटकों को जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर सार्थक प्रयास कर रहा है।