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महिलाएं पर्यावरण संरक्षण और परिवार प्रबोधन के लिए कार्य करें – रामलाल जी

महिलाएं पर्यावरण संरक्षण और परिवार प्रबोधन के लिए कार्य करें – रामलाल जीभारत में नारी परंपरागत रूप से सशक्त है, आवश्यकता उन्हें अधिक से अधिक अवसर देने की है।

जयपुर, 3 अप्रैल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी ने कहा कि भारत में नारी परंपरागत रूप से सशक्त है। आवश्यकता उन्हें अधिक से अधिक अवसर देने की है। समाज को उनके मार्ग के अवरोध हटाने का कार्य करना चाहिए।

मरुधरा नारी सशक्तिकरण संगठन (मनसा), जयपुर महानगर की ओर से शुक्रवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के मानविकी सभागार में आयोजित “प्रमुख जन गोष्ठी” में उन्होंने कहा कि ईश्वर ने नारी को पुरुष की तुलना में अधिक गुण देकर भेजा है। जिस काम को नारी संभालती हैं, वह उसे गंभीरता, चिंता और समर्पण के साथ पूरा करती है। इस कारण उस कार्य की सफलता की संभावना भी अधिक होती है।

रामलाल जी ने कहा कि संघ प्रेरणा से चल रहे कार्यों में महिलाओं की बड़ी संख्या मे भागीदारी रहती है।

संघ की सौ वर्ष की यात्रा उपेक्षा से शुरू हुई और समाज का समर्थन हासिल करने के साथ अब समाज के सभी वर्गों के व्यापक सहयोग से आगे बढ़ रही है। स्वयंसेवकों ने प्रतिबंध, कष्ट और यातनाएं सह कर संघ कार्य को आगे बढ़ाया है। संघ में जाति, भाषा, प्रांत या किसी भी स्तर पर भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया में वही देश प्रगति कर रहे हैं, जिनके नागरिक देशभक्त हैं। संघ देश भक्ति, समाजसेवा और अनुशासन आदि गुणों का विकास अपने कार्यकर्ताओं में करता है।

महिलाएं पर्यावरण संरक्षण और परिवार प्रबोधन के लिए कार्य करें – रामलाल जीरामलाल जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक मूल्यों पर आधारित है। प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण सहज रूप में हमारे परिवारों में किया जाता है। इसे नई पीढ़ी तक आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मातृ शक्ति की है। उन्होंने पानी बचाने, पेड़ लगाने, प्लास्टिक हटाने, मोबाइल, इंटरनेट के बिना सप्ताह में एक बार परिवार के साथ समय बिताने, स्व बोध, अपनी भाषा, अपने भोजन और अपने देश में ही भ्रमण को बढ़ावा देने के लिए परिवार में वातावरण निर्माण का महिलाओं से आग्रह किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल जी ने कहा कि वीरमाता जीजाबाई से प्रेरणा लेकर मातृ शक्ति को समाज की विस्मृत शक्ति और गौरव का बोध कराने के लिए कार्य करना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक रमेश चंद्र अग्रवाल जी भी उपस्थित रहे। मरुधरा नारी सशक्तिकरण संगठन, राजस्थान की अध्यक्ष डॉ. सुनीता अग्रवाल ने बताया कि समाज की प्रतिष्ठित एवं प्रभावशाली मातृशक्ति के साथ संवाद स्थापित कर संगठित, समर्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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